एक अनोखा त्योहार है तारिक़ – ए – निकाह रख देना

अभी वो बच्ची है ख़्वाब में शहजादे नहीं आते ,
सोने से पहले उसके सिरहाने पर कुछ खिलौने रख देना ।

वो सो जाए तो उसकी पलकों पर जुगनू रख देना ,
चांद को चुपके से छिपाकर उसकी हथेली पर रख देना।

जिंदगी कांटों भरी होगी, ये बात अभी मत बताना ,
फिलहाल हर कदम पर उसके रास्ते में  फूल रख देना।

वो रोएगी बहुत दस्तूर – ए – निकाह सुनकर ,
तुम गले लगाकर मुहफिज, दस्तूर – ए – शाहनाई रख देना।

बहुत मुश्किल अपनी सरजमीं छोड़ पराया हो जाना ,
एक अनोखा त्योहार है तारीख़ – ए – निकाह रख देना ।।
*** आशीष रसीला***

Ashish Rasila

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